” एक दिन ई लईका मुख्यमंत्री जरूर बनतो$अ “

                   

आलोक कुमार ,

(वरिष्ठ पत्रकार व् विश्लेषक ), पटना

                 साजिश के तहत सत्ता से दूर किए जाने के बावजूद राजद को कोई नुकसान होता नहीं दिखता … गठबंधन की सरकार में रहते हुए कार्यकर्ताओं व् समर्थकों की उम्मीदें व् आशाएं कुछ ज्यादा थीं और गठबंधन की सीमितताओं के कारण असंतोष का उभरना भी स्वाभाविक था… सत्ता से बाहर किए जाने के पश्चात राजद समर्थकों की गोलबंदी , एकजुटता साफ देखी जा सकती है… तेजस्वी यादव की जनादेश अपमान यात्रा के दौरान उमड़ा जनसैलाब एवं लालू यादव की आज की सीवान की सभा में उमड़ी भीड़ से ये सहज ही द्रष्टव्य है … भारत, विशेषकर हिन्दी हार्ट- लैंड, की राजनीति में सहानभूति भी बड़ी भूमिका अदा करती है और आज जनता के बीच जाने पर बिहार की बहुसंख्य जनता की सहानभूति राजद के युवा चेहरे तेजस्वी के साथ देखने को मिलती है …सत्ता जाने के पश्चात तेजस्वी यादव का आक्रामक तेवरों वाले युवा नेता के रूप में उभरना जहाँ एक ओर सत्ताधारी गठबंधन के लिए ऩई मुश्किलें पैदा कर रहा है , वहीं दूसरी ओर तेजस्वी के रूप में राजद को एक ऐसा युवा नेतृत्व हासिल हुआ है जो अपने कद्दावर विरोधियों की आँख में आँख डाल कर उन्हें असहज कर रहा है … लालू यादव की एवर – ग्रीन वोट – बैंक अपील और तेजस्वी का परवान चढ़ता चार्म पार्टी व् समर्थकों में एक नयी जान फूंकने का काम करते दिखती है… नेता विरोधी दल के रूप तेजस्वी का बढ़ता हुआ कद पार्टी के वरिष्ट नेताओं के साथ समर्थकों के लिए एक बड़ा आश्वासन है कि ” पार्टी का वर्तमान व् भविष्य दोनों ऐसे दो लोगों के हाथों में है जो विपरीत परिस्थितियों में भी फ्रंट से लीड करना बखूबी जानते हैं “…. युवा व् राजनीति में बहुत विस्तृत व् व्यापक अनुभव नहीं होने के बावजूद आज तेजस्वी ने नीतीश – भाजपा के विरुद्ध संघर्ष की कमान एक परिपक्व राजनेता के रूप में संभाल रखी है ….. पार्टी की संगठनात्मक इकाईयों के साथ बेहतर व् सुनियोजित सामंजस्य कायम करते दिखते हैं …. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ तेजस्वी के समन्वय की तारीफ़ तो तेजस्वी के विरोधी भी ‘ऑफ द रिकॉर्ड ‘ करते हैं …. राजद के अंदर एक आम राय कायम होते दिखती है कि ” Tejashwi is open to ideas and suggestions ‘ और यहीं तेजस्वी अपनी पार्टी के अंदर खुद को सर्व – स्वीकार्य लीडर के रूप साबित व् स्थापित करते हुए दिखते हैं …. सौम्य व् मृदुभाषी व्यक्तित्व , विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य व् संयम न खोने वाली अपनी विशिष्टता के कारण छोटे अन्तराल में एक नयी उम्मीद बन कर उभरे हैं तेजस्वी भाजपा विरोधी राजनीति के लिए …. तभी तो बिहार की ग्रामीण जनता ये कहते हुए देखी – सुनी जा सकती है कि ” एक दिन ई लईका मुख्यमंत्री जरूर बनतो$अ ( एक दिन ये नौजवान मुख्यमंत्री जरूर बनेगा ) “

 

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